ओ इन्द्र राजा……. ना बरस इन्द्र राजा तु इतना। ना बरस इन्द्र राजा तु इतना। देख परेशान हो रहा किसान कितना। समय रहते तु ना बरसा। अब क्युँ तु बरसने को तरसा। अब क्युँ तु बरसने को तरसा। ओ इन्द्र राजा..ओ इन्द्र राजा.. क्युँ काली काली घटा छा रहा। बिन मौसम ही क्युँ तु बरस […]
Read More...आ रहा नवरात्री का त्योहार। सज रहा नौ रूपों का दरबार। पहला रूप कहलाए रही। माता शैलपुत्री आए रही। अनुभव व भावना की देवी। माता शैलपुत्री कहलाए रही। दुसरा रूप कहलाए रही। माता ब्रह्मचारिणी आए रही। अन्नत में विधमान की देवी। माता ब्रह्मचारिणी कहलाए रही। तीसरा रूप कहलाए रही। माता चन्द्रघंटा आए रही। सुख दुख […]
Read More...ओ प्यारी माँ……..ओ प्यारी माँ…… आज तेरा है अंतिम दिन। माँ एक सवाल पुछना। क्या जवाब दे पाओगी क्या। क्यों बेटे और बेटी में फर्क। क्या आज बता पाओगी क्या। क्या आज समझा पाओगी क्या। ओ प्यारी माँ……..ओ प्यारी माँ…… बेटे और बेटी दोनों तेरी ही कली। फिर क्युँ माँ बेटी ही मुरझाई कली। फिर […]
Read More...बैठे बैठे आज अचानक ही मन में एक सवाल उमड़ आया प्रेम क्या है? क्या किसी को देख कर मन में उठने वाले आकर्षण के भाव को ही प्रेम कहते हैं? या एक दूसरे के पास रहना या एक दूसरे को पा लेना ही प्रेम का वास्तविक अर्थ है? नहीं प्रेम का वास्तविक अर्थ इतना […]
Read More...बाज़ार में मसगूल था वो, मुनाफे की आस लगाए। कि आज उसके बच्चों को, दो वक़्त की रोटी नसीब हो जाए। गलियों में फिर रहा था, साइकिल की घंटी बजाता। सामानो से भरा पड़ा वो, रुपए 15 में हर सामान दिलवाता। कर्ज में डूबा परा वो, फिर भी चेहरे पर चमक थी। परिवार संग पर्व […]
Read More...आखिर क्यों, आखिर क्यों। माँ बनी……………………. बेटी परवरिश की बदनाम। क्या यही था। क्या यही था। उसकी प्यारी ममता का परिणाम। मानो आसुँ बन छलके। मानो आसुँ बन छलके। उसका कोई भयानक उपनाम। गाती थी बिलखती थी। वो प्यारी माँ………….. वो प्यारी माँ………….. आखिर किसे अपना दुख दर्द। जता पाती थी। सोती थी जागती थी। […]
Read More...एक किसान का प्यार :- ” तुम पूछती हो , तुम प्यार पर कविताये क्यों नहीं लिखते ? मैं लिखता हूं , हर दिन , हर क्षण तुम्हारे बारे में आदिम सभ्यता की शुरुआत से प्रलय होने तक ! लेकिन प्रिये , हमारा प्यार जैसे – जैसे बढ़ता गया दूसरों की नजरों में खटकता गया […]
Read More...तुम्हारी याद में निकले जो हमारे आंसू बन गए कुमकुमे जुगनू कभी तारे आँसू मेरी हिम्मत मेरी ताकत है ये प्यारे आँसू जिन्दगी तेरे ही भरोसे गुजारे आँसू रह के खामोश भी हर दर्द बयाँ कर देते दिल पे इक चोट हैं दे जाते करारे आँसू बड़ा जालिम है जमाना नही […]
Read More...जीवन में उदगार स्थापित, मर्यादा से कर पाए। आदर्श पूर्ण हो जीवन, सदमार्ग पर चल पाए। ललाट पर शौर्य की रेखा,शौर्य पूर्ण ही जीवन हो। कायरता की ढाल न लेना,जीवन ही पराक्रमी हो। प्रेम से मार्ग प्रदर्शित, मानवता प्रविष्टि रहे। जीवन के हर इक पहलू में ,देश प्रेम विशिष्ट रहे। बलिदान हुए इस माटी पर,उनकी […]
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