बाबा के दिल का टुकड़ा। बाबा के दिल का टुकड़ा। बस है एक दिल का दुखड़ा। क्युँ जल्द बड़ी होती ये बेटियाँ। सहारा बन बन जाती परछाईयाँ। क्युँ जल्द बड़ी होती ये बेटियाँ। घुटने है दुखते तो मलहम लगाती। ये बेटियाँ…….ये बेटियाँ……… छोटी थी जब बनता घोड़ा। गुड्डे संग है खिलाता। क्युँ जल्द बड़ी होती […]
Read More...असफलता कुछ नया सिखाती है असफलता कुछ नया…।। क्यों हुए तुम असफल अपने काम मे क्या कमी रह गई तुम्हारे नाम मे इसका बोध कराती है असफलता कुछ नया…।। क्यों होते हो निराश तुम वेवश हैरान और हताश तुम तुम समझते क्यों नही असफलता इन्से लडना सिखाती है असफलता कुछ नया…।। क्यों छोडते हो […]
Read More...किया जिसने तुझसे किनारा बहुत है मोहब्बत यक़ीनन वो करता बहुत है हँसी में उड़ा कर ज़माने की बातें तेरा नाम लिख कर मिटाया बहुत है चलो चंद जुगनू ही हाथों पे रख लें सुना है कि आगे अंधेरा बहुत है हो तुमको मुबारक ये फिरक़ा परस्ती मुझे तो वतन का सहारा बहुत है वो […]
Read More...सुन ले एे मेरे खुदा। सुन ले एे मेरे खुदा। एे खुदा……एे खुदा…… मेरी माँ को ना करना। कभी उदास ना करना परेशान। एे खुदा……एे खुदा……… वो मानती है तुझे। अपना ईश्वर अपना खुदा। ना होना तु उससे कभी जुदा। एे खुदा……एे खुदा……… सुन ले एे मेरे खुदा। मेरी माँ मानती है तुझे अपना। तु […]
Read More...बारिश की पहली बूंदा बारी। चूम चूम रही धरती आंगन। बारिश की पहली बूंदा बारी। चूम चूम रही धरती आंगन। महक महक मिट्टी महकाएं रही। मिठ्ठी, मिठ्ठी खुशबू आएं रही। चहक चहक चिड़िया चहकाएं रही। बारिश की और संकेत बतलाएं रही। बारिश की पहली बूंदा बारी। छम छम बिजलियाँ शोर मचाएं रही। गरज गरज बादल […]
Read More...कृष्णा जी का कहना। अब ना कोई बहाना चलना। मेरे जन्मदिन पर अवश्य आना। फूलों से मंदिर सजाना। प्यारे प्यारे वस्त्र पहनाना। सुंदर सुंदर श्रृंगार सजाना। वो ही नैनो में काजल। माथे पर मेरे मोर पंख सजाना। प्यारे प्यारे हाथों से मेरी नजर उतार डालना। मेरे जन्मदिन पर खुब धूम मचाना। ना कोई मोमबत्ती बुझाना। […]
Read More...हे मेरे प्यारे कान्हा। हे मेरे प्यारे कान्हा। तुझ पर क्या लिखुँ। क्या यशोदा का लाल लिखुँ। या नन्दबाबा का गोपाल लिखुँ। क्या देवकी का नन्दलाल लिखुँ। या वासुदेव का पुत्र लिखुँ। तु ही बता दे कान्हा क्या लिखुँ। जितना लिखुँ अपरिभाषित। क्युँकि तु सबसे अलहदा है। हे मेरे प्यारे कान्हा। तुझ पर क्या लिखुँ। […]
Read More...काश मैं बता पाता। आज कुछ कह जाता। बेटियाँ बोझ नहीं। यह किसे समझा पाता। काश मैं बता पाता। आज कुछ कह जाता। बेटियाँ अनमोल है।परायी नहीं। कोमल है। कमजोर नहीं। काश इंसा मन सुलझा पाता। वो ही पागल मन समझा जाता। काश मैं बता पाता। आज कुछ कह जाता। बेटीयाँ ही कायर। क्युँ बेटा […]
Read More...उजड़ी बस्ती, उजड़ा घर। उजड़ी बस्ती, उजड़ा घर। बारिश की बूंद बनी एक महक। वो चिड़ियों की चहक। वो मिट्टी की महक। क्या हुआ एेसा मगर। क्या हुआ एेसा मगर। मानो बारिश बूंद बनी। मानो बारिश बूंद बनी। एक आफत लहर। सैकड़ो डगर हुए पतझर मगर। क्युँ हुएँ सैकड़ो बेघर। क्या था कोई पतझर। या […]
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