भारतीय संविधान-  संघ और इसका क्षेत्र

भारतीय संविधान के भाग 1 के अंतर्गत अनुच्छेद 1 से 4 तक में संघ एवं इसके क्षेत्रों का वर्णन किया गया है । भारतीय संविधान सभा में देश के नाम को लेकर मतभेद था । कुछ सदस्य आधुनिक नाम “इंडिया ” रखने के पक्ष में थे , तो कुछ इसके परंपरागत नाम “भारत”  रखने के पक्ष में थे । संविधान सभा ने दोनों नामों को मान्यता प्रदान करते हुए स्वीकार किया – इंडिया जो कि भारत है ।

     भारत देश संघ  है ।  भारतीय संविधान ने संघीय ढांचा को अपनाया है ।

  भारतीय संविधान के अनुच्छेद 1 के अनुसार  –

       भारतीय संविधान के अनुच्छेद 1 में कहा गया है कि भारत तथा इंडिया राज्यों का संघ होगा । इस अनुच्छेद के अनुसार भारतीय क्षेत्र को तीन श्रेणियों में बांटा गया है –

1.      राज्यों के क्षेत्र

2.       संघ क्षेत्र

3.       ऐसे क्षेत्र जिसको भारत सरकार द्वारा अधिगृहित किया जाता है ।

    राज्यों एवं केंद्र शासित राज्यों के नाम तथा प्रत्येक के अंतर्गत आने वाले राज्य क्षेत्रों का वर्णन पहली अनुसूची में किया गया है । इस समय 28 राज्य एवं 9 केंद्र शासित क्षेत्र हैं । भारत एक संप्रभु राज्य है ,इसलिए भारत अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत विदेशी क्षेत्र का भी अधिग्रहण कर सकता है ।

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 2 के अनुसार-

भारतीय संविधान के अनुच्छेद दो में संसद को यह शक्ति प्राप्त है कि संसद ,विधि द्वारा, ऐसे निबंधनों और शर्तों पर, जो वह ठीक समझें, संघ में नए राज्यों का प्रवेश या उनकी स्थापना कर सकेगी ।

      इस प्रकार अनुच्छेद 2 के अनुसार संसद को दो प्रकार की शक्तियां प्राप्त हैं –

(क)        नए राज्य को भारत के संघ में शामिल करना ।

(ख)         नए राज्यों का गठन करने की शक्ति ।

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 3 के अनुसार-

भारतीय संविधान के अनुच्छेद तीन के अनुसार संसद को निम्न अधिकार दिए गए हैं-

(क)        किसी राज्य में से उसका राज्य क्षेत्र अलग करके अथवा किसी राज्य के भाग के साथ मिलाकर नए राज्य का निर्माण कर सकती है ।

(ख)         किसी राज्य का क्षेत्र बढ़ा सकती है ।

(ग)          किसी राज्य का क्षेत्र घटा सकती है ।

(घ)        किसी राज्य की सीमा में परिवर्तन कर सकती है ।

(ङ)          किसी राज्य के नाम में परिवर्तन कर सकती है ।

         अनुच्छेद 3 में ही दो  शर्तों का भी उल्लेख किया गया है —

(क)        उपरोक्त परिवर्तन से संबंधित कोई भी विधेयक राष्ट्रपति की सिफारिश के बाद ही संसद में रखा जा सकता है

(ख)       राष्ट्रपति द्वारा विधेयक को संबंधित विधानमंडल के पास मत जानने के लिए भेजा जाता है । इसके लिए समय- सीमा का निर्धारण होता है । राष्ट्रपति विधानमंडल के मत को मानने के लिए बाध्य नहीं है , इसे स्वीकार या अस्वीकार कर सकता है ।

     भारतीय संविधान के अनुच्छेद 4 के अनुसार –

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 4 में घोषणा की गई है कि अनुच्छेद 2 और अनुच्छेद 3 के तहत नए राज्यों का प्रवेश ,गठन ,क्षेत्रों और सीमाओं में परिवर्तन आदि को संविधान के अनुच्छेद 368 के तहत संशोधन नहीं माना जाएगा ,अर्थात इस तरह के कानून को एक साधारण बहुमत और विधाई प्रक्रिया के द्वारा पारित किया जाएगा ।

   1956 के बाद बने नए राज्य एवं संघ शासित प्रदेश

 सन् 1956 के बाद राज्यों के पुनर्गठन का कार्य किया गया । भाषा , सांस्कृतिय , सामाजिक , राजनीतिक या अन्य कारणों से नए राज्य गठन की मांग उठती रही है । हम यहां 1956 के बाद बने राज्यों का संक्षिप्त वर्णन करेंगे । जो निम्न प्रकार है-

  महाराष्ट्र और गुजरात

1960 में भाषा के आधार पर मुंबई राज्य को दो भागों में बांटा गया – पहला महाराष्ट्र दूसरा गुजरात , महाराष्ट्र मराठी भाषी लोगों के लिए तथा गुजरात गुजराती भाषा बोलने वालों के लिए ।

दादरा एवं नागर हवेली

1954 ई. में यह क्षेत्र स्वतंत्र हुआ । इसके पूर्व यहां पुर्तगाल का शासन था । भारतीय संविधान के 10 वें संविधान संशोधन अधिनियम 1961 के तहत इसे संघ शासित क्षेत्र में बदल दिया गया ।

पुडुचेरी

सन 1954 में इसे फ्रांस ने भारत को सुपुर्द कर दिया । 14 वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा इसे संघ शासित राज्य बनाया गया ।

नागालैंड

13 वें संविधान संशोधन अधिनियम 1962 में नागालैंड को राज्य का दर्जा और इसके लिए विशेष उपबंध किए गये ।

गोवा , दमन और दीव

पुलिस कार्यवाही के माध्यम से इसे भारतीय क्षेत्र में अधिगृहीत किया गया । गोवा ,दमन एवं दीव को 12 वे संविधान संशोधन अधिनियम 1962 द्वारा इसे संघ शासित क्षेत्र बनाया गया । सन 1987 में गोवा को अलग राज्य का दर्जा दे दिया गया ।

हरियाणा ,चंडीगढ़ ,हिमाचल प्रदेश

1966 ई. में पंजाब राज्य से भारतीय संघ के 17 वें राज्य हरियाणा और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ का गठन हुआ । इसके बाद सिखों के लिए अलग “सिंह गृह राज्य” ( पंजाब प्रांत )  की मांग अकाली दल नेता मास्टर तारा सिंह के नेतृत्व में उठी । शाह आयोग 1966 की सिफारिश पर 3 राज्यों की स्थापना हुई । जिसमें पंजाबी भाषी क्षेत्र के लिए पंजाब , हिंदी भाषी  के लिए हरियाणा राज्य तथा पहाड़ी क्षेत्र को हिमाचल राज्य ( केंद्र शासित क्षेत्र ) की स्थापना हुई । सन् 1971 में हिमाचल प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया गया ।

मणिपुर ,त्रिपुरा और मेघालय 

सन् 1972 ई. में मणिपुर त्रिपुरा और मेघालय को पूर्ण राज्य बनाया गया ।

सिक्किम

सिक्किम भारत का एक शाही राज्य था । सन् 1947 में ब्रिटिश शासन समाप्त होने पर भारत सरकार द्वारा रक्षित किया गया । सन् 1974 में सिक्किम ने भारत के प्रति अपनी इच्छा जाहिर की । इसके बाद 35 वें संविधान संशोधन अधिनियम 1974 द्वारा सिक्किम को संबद्ध राज्य का दर्जा दिया गया । इसी तरह 36 वें संविधान संशोधन अधिनियम 1975 के द्वारा सिक्किम को भारतीय संघ का पूर्ण राज्य का दर्जा दिया गया । 

मिजोरम ,अरुणाचल प्रदेश

1987 ई.  में भारतीय संघ में मिजोरम एवं  अरुणाचल प्रदेश को शामिल किया गया । 

छत्तीसगढ़ ,झारखंड एवं उत्तराखंड

सन 2000 ई.  में मध्य प्रदेश से अलग कर ‘ छत्तीसगढ़ ‘ तथा बिहार से अलग कर ‘ झारखंड ‘ और उत्तर प्रदेश से अलग कर ‘ उत्तराखंड ‘ के रूप में नए राज्यों का गठन हुआ | इस प्रकार 2000 ई. में छत्तीसगढ़ ,झारखंड एवं उत्तराखंड नए राज्य बने ।

तेलंगाना

सन् 2014 ई. में आंध्र प्रदेश के भू भाग को काटकर ‘ तेलंगाना ‘ राज्य की स्थापना की गयी ।

राज्य के नामों में परिवर्तन

भारत के कुछ राज्यों और संघ शासित प्रदेशों के नामों में परिवर्तन किया गया । सर्वप्रथम संयुक्त प्रांत का नाम बदलकर 1990 में ‘ उत्तर प्रदेश ‘ कर दिया गया । सन् 1969 में मद्रास का नाम बदलकर ‘ तमिलनाडु ‘ रख दिया गया । 1973 में मैसूर का नाम बदलकर ‘ कर्नाटक ‘ रखा गया । सन 2006 में उत्तरांचल का नाम बदलकर ‘ उत्तराखंड ‘ कर दिया गया तथा पांडिचेरी का नाम बदलकर ‘ पुडुचेरी ‘ रखा गया । सन् 2011 में उड़ीसा का नाम बदलकर ‘ ओडिशा ‘  के रूप में कर दिया गया ।

[ तालिका-1 ]  

1956 में भारतीय क्षेत्र [ राज्य एवं संघ शासित क्षेत्र ]

क्रम संख्याराज्यक्रम संख्यासंघ शासित क्षेत्र
 1
आंध्र प्रदेश 1अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह
 2
असम 2दिल्ली
 3
बिहार 3हिमाचल प्रदेश
 4
मुंबई 4लकादीप ,मिनिकाय और आमीन दीवी द्वीप समूह
 5
जम्मू और कश्मीर 5मणिपुर
 6
केरल 6त्रिपुरा
 7
मध्य प्रदेश 
 8
मद्रास 
 9
मैसूर 
 10
उड़ीसा 
 11
पंजाब 
 12
राजस्थान 
 13
उत्तर प्रदेश 
 14
पश्चिम बंगाल 

[तालिका 2]       

2020 में भारतीय क्षेत्र [राज्य एवं संघ शासित क्षेत्र ]

क्रम संख्याराज्यक्रम संख्यासंघ शासित क्षेत्र
 1आंध्र प्रदेश 1अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह
 2अरुणाचल प्रदेश 2चंडीगढ़
 3असम 3दादरा एवं नागर हवेली
 4बिहार 4दमन और दीव
 5छत्तीसगढ़ 5दिल्ली (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र)
 6गोवा 6जम्मू और कश्मीर
 7गुजरात 7लद्दाख
 8हरियाणा 8लक्षद्वीप
 9हिमाचल प्रदेश 9पुडुचेरी
 10झारखंड 
 11कर्नाटक 
 12केरल 
 13मध्य प्रदेश 
 14महाराष्ट्र 
 15मणिपुर 
 16मेघालय 
 17मिजोरम 
 18नागालैंड 
 19उड़ीसा 
 20पंजाब 
 21राजस्थान 
 22सिक्किम 
 23तमिलनाडु 
 24तेलंगाना 
 25त्रिपुरा 
 26उत्तराखंड 
 27उत्तर प्रदेश 
 28पश्चिम बंगाल 


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