अनेक शब्दों के लिये एक शब्द

अर्थ व परिभाषा –

भाषा में कुछ ऐसे शब्द होते है ,जो एक वाक्य को एक शब्द में व्यक्त कर देते है |ऐसे शब्दो को अनेक शब्दो के लिये एक शब्द कहा जाता है |

उदाहरण- जो शिक्षा प्रदान करता है ,उसको एक शब्द में “शिक्षक ” कहेंगे| हिंदी भषा में ऐसे बहुत से शब्द है |जो निम्न है –

अनेक शब्द ( वाक्य अंश ) एक शब्द
जिसके पास कुछ न हो अकिंचन
जिसकी कोई उपमा न हो अनुपम
जिस पर नियंत्रण न हो अनियंत्रित
जिसे जीता न जा सके अजेय
जिस वस्तु की इच्छा हो अभिप्सित
जो किये गये उपकार को मानता है कृतज्ञ
जो उपकार को नहीं मानता है कृतघ्न
जिसके आने की तिथि निर्धारित न हो अतिथि
जो ईश्वर में विश्वास रखने वाला हो आस्तिक
जो ईश्वर में विश्वास नहीं रखने वाला हो नास्तिक
सदा सत्य बोलने वाला सत्यवादी
जो कभी न मरता हो अमर
जो जाना न जा सके अज्ञेय
अधिक निरर्थक बोलने वाला वाचाल
जो कम बातें करता हो मितभाषी
जो सब कुछ जानता है सर्वज्ञ
दोपहर से पहले का समय पूर्वाह्न
दोपहर के बाद का समय अपराह्न
दोपहर का समय मध्याह्न
स्त्री जिसका पति मर गया हो विधवा
पुरुष जिसकी पत्नी मर गई हो विधुर
थोड़ा ज्ञान रखने वाला अल्पज्ञ
जो स्पर्श करने योग्य नहीं अस्पृश्य
जिसका कोई रक्षक (पालन पोषण करने वाला) न हो अनाथ
पसीने से उत्पन्न होने वाला स्वेदज
जिसकी नाप-तौल न हो सके (मापा न जा सके) अपरिमेय
जिस पर विश्वास न किया जा सके अविश्वसनीय
जिसे क्षमा किया जा सके | क्षम्य
जो राहभ्रष्ट हो गया है पथभ्रष्ट
जो कभी न मरता हो अमर
जो पहले कभी घटित नही हुआ हो अभूतपूर्व
वंदना करने योग्य वंदनीय
शीघ्र चलने वाला द्रुतगामी
दूसरों के गुण दोष बताने वाले आलोचक
अनुचित बात के लिये आग्रह दुराग्रह
हित की कामना करने वाले हितैषी
दो पैरों से चलने वाला द्विपद
जो पहले नही पढ़ा हो अपठित
पैरों से जल पीने वाला पादप
जिस महिला के संतान न हो बंध्या
नीति को जानने वाला नीतिज्ञ
इंद्रियों की पहुँच से बाहर अतींद्रिय
जिस पर कोई ऋण न हो उऋण
विष्णु की उपासना करने वाला वैष्णव
कम खर्च करने वाला मितव्ययी
कम भोजन करने वाला मितहारी
छिपाने योग्य बात गोपनीय
आदि से अंत तक आद्योपांत
थोड़ी देर मे नष्ट होने वाला क्षणभंगुर
जो स्त्री कविता लिखती है कवयित्री
आकाश को चुमने वाला गगन चुम्बी
जो आशा से अधिक हो आशातीत
जानने की इच्छा रखने वाला जिज्ञासु
गोद लिया हुआ पुत्र दत्तक
अतिथि की सेवा करना आतिथ्य
वर्ष मे एक बार होने वाला वार्षिक
जो युद्ध में स्थिर हो युधिष्ठिर
प्राकृतिक वर्षा का पूर्ण रुपेण अभाव अनावृष्टि
जो कभी जन्म नही लेता आजन्म
जो चार पैर से चलता हो चतुष्पद
स्वयं उत्पन्न होने वाला स्वजन्मा
जो शरण में आया हुआ हो शरणागत
तालाब में जन्म लेने वाला सरसिज
जिसने इंदियों को जीत लिया हो जितेंद्रिय
जीने की प्रबल इच्छा जिजीविषा
जो इंद्रियों से परे हो इंद्रियातीत
अभिनय करने वाला पुरुष अभिनेता
अभिनय करने वाली स्त्री अभिनेत्री
जिसकी उपमा किसी से न दी जा सके अनुपमेय
अभी अभी उत्पन्न हुआ बच्चा नवजात
जिसके आर पार देखा जा सके पारदर्शी
तुरंत बच्चा पैदा करने वाली सद्यप्रसुता
जिस स्त्री को उसके पति ने त्याग दिया हो परित्यक्ता
जो भूखा हो बुभुक्षित
जो अधिक बोलता हो वाचाल
समान आयु वाला समवय
जिस स्त्री का पति जीवित हो सधवा
कर्त्तव्य और अकर्त्तव्य के निर्णय में असमर्थ किंकर्त्तव्यविमूढ़
जिसकी बुद्दि में तत्काल निर्णय की क्षमता हो प्रत्युत्पन्नमति
तीव्र बुद्धि वाला कुशाग्रबुद्धि
जो किसी के द्वारा पराजित न हो सके अपराजेय
जहाँ जाया न जा सके अगम्य
परलोक का पारलौकिक
जो सब में व्याप्त हो सर्वव्यापी
जिसकी कल्पना न की जा सके अकल्पनीय
जो अच्छे कुल में उत्पन्न हुए हों कुलीन
सौ वर्ष का समय शताब्दी
दूसरों पर आश्रित रहने वाला पराश्रित
जो एक ही माँ के उदर से उत्पन्न हुए हो सहोदर
जिसका दमन करना कठिन हो दुर्दमनीय
जो क्रमबद्ध इतिहास लिखे जाने के युग से पूर्व का हो प्रागैतिहासिक
पीने की इच्छा करने वाला पिपासु
अभी अभी स्नान किया हुआ हो सद्यस्नात
जिसकी कल्पना न की जा सके अकल्पनीय
जिसे काटा न जा सके अकाट्य
जो करने योग्य न हो अकरणीय
जिसमे कुछ करने की क्षमता न हो अक्षम
जिसकी गणना न की जा सके अगण्य
जिसका चिंतन न किया जा सके अचिंत्य
जिसका जन्म नही होता अज
अण्डे से जन्म लेने वाला अण्डज
जिसकी तुलना न की जा सके अतुलनीय
जिसे दबाया न जा सके अदम्य
जिसमें दया न हो अदय
जो आँखो से दिखाई न दे अदृश्य
जिस पर आक्रमण न हो सके अनाक्रांत
जिसे बुलाया न गया हो अनाहूत
पीछे चलने वाला अनुगामी
जिसका अनुभव किया गया हो अनुभूत
जिसका उच्चारण न किया गया हो अनुच्चारित
जिसका कही भी अंत न हो अनंत
पृथ्वी और आकाश के बीच का स्थान अंतरिक्ष
जिसके बिना काम न चले अपरिहार्य
जो अधिक धन खर्च करता हो अपव्ययी
जिस पर अभियोग लगाया गया हो अभियुक्त
जिसका भेदन न किया जा सके अभेद्य
किसी वस्तु का भीतरी भाग जिसमें कोई वस्तु रखी जा सके अभ्यंतर
जो शोच करने योग्यन हो अशोच्य
जो नही हो सकता असम्भव
जिसे सहन न किया जा सकता है असहनीय
जिसकी कोई सीमा न हो असीम
घुटनों तक जिसकी बाँहे हों अजानुबाहु
अपने जीवन का स्वलिखित इतिहास आत्मकथा
अपने आपको धोखा देने वाला आत्मवन्चक
पैर से लेकर सिर तक आपादमस्तक
तत्काल कविता करने वाला आशुकवि
ऊपर कहा हुआ उपर्युक्त
जिस पर चिह्न लगा हो चिह्नित
किसी को सावधान करने के लिये की जाने वाली बातें चेतावनी
सेना के ठहरने का स्थान छावनी
छोटे से छोटे दोषों की खोज करने वाला छिद्रांवेषी
किसी भी पक्ष का समर्थन न करने वाला तटस्थ
जो बहुत कृशकाय हो तंवंगी
तीनों लोको में होने वाला त्रियुगी
वन मे लगने वाली आग दावानल
जो हर काम मे देर लगाता है दीर्घसूत्री
जिसे प्राप्त करना कठिन हो दुर्लभ
प्रतिदिन प्रकाशित होने वाला समाचार पत्र दैनिक
धर्म में निष्ठा रखने वाला धर्मनिष्ठ
दूसरे के बच्चे का पालन पोषण करने वाली स्त्री धाय
निंदा करने योग्य निंदनीय
जहाँ कोई मनुष्य न रहता हो निर्जन
बिना पलक झपकाए हुए निर्निमेष
रात्रि मे विचरण करने वाला निशाचर
मध्यरात्रि का समय निशीथ
किसी बात को पंजिका मे चढ़ाना पंजीकरण
परीक्षा लेने वाला परीक्षक
पृथ्वी से सम्बंधित पार्थिव
परम्परा से चली आई हुई उक्ति लोकोक्ति
जिसके भीतर की हवा का तापमान समस्थित मे रखा गया हो वातानुकूलित
जो शक्ति का उपासक हो शाक्त
जो सदियों से चला आ रहा हो सनातन
जो केवल अपने सुख के लिये किया जाय स्वांत:सुखाय
मोक्ष की इच्छा रखने वाला मुमुक्षु

4 responses to “अनेक शब्दों (वाक्यांश )के लिये एक शब्द”

  1. 8858199989
    फोन करने तथा समस्या समाधान हेतु हृदय की गहराई से धन्यवाद सर।

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