आया वसंत मन भाया वसंत,मीठी सी खुशवू लाया वसंत,चहूँ और से खुशवू आती,
खुशवू चुरा लाया वसंत,आया वसंत…….|

फूली फसल आई हरियाली,पंछी नाच रहे दे ताली,कूँ-कूँ-कुँ आवाजें आती,
कोयल को बुला लाया वसंत,आया वसंत……।

सूरज निकला चिड़ियाँ चहँकीं,फूली कलियाँ धरती महकी ,चारों ,तरफ आई खुशहाली,
खुशहाली ले आया वसंत,आया वसंत …..।

ठण्ड गयी गर्मी भी न आयी,ये कैसी ऋतुराज की छांयी,पशुओं को ये छांयी
भायी,ये छांयी ले आया वसंत,आया वसंत…..।

जीवन में तुम खुशियाँ लाते,सबके मन को तुम हर्षाते,ऋतुराज फिर जल्दी आना,
फिर सबके मन को हर्षाना,सवके मन को भाया वसंत,आया वसंत…….।

जीवन में तुम फिर-फिर आना, मेरे मन को खूव लुभाना,
मेंरा बोल उठे,-वाह वाह वाह वसंत,आया वसंत…..।

--प्रकति प्रेमीअनिरुद्ध शुक्ल,(कठपुरा शाहजहाँपुर उ०प्र०)

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