धातु ( क्रिया) रूप
पठ् (पढ़ना )

लट् लकार (वर्तमान कल )

पुरुष एकवचन व्दिवचन बहुवचन
प्रथम् पुरुष पठति पठत: पठन्ति
मध्यम पुरुष पठसि पठथ: पठथ
उत्तम पुरुष पठामि पठाव: पठाम:

लृट् लकार (भविष्यत् काल )

पुरुष एकवचन व्दिवचन बहुवचन
प्रथम पुरुष पठिष्यति पठिष्यत: पठिष्यन्ति
मध्यम पुरुष पठिष्यसि पठिष्यथ: पठिष्यथ
उत्तम पुरुष पठिष्यामि पठिष्याव: पठिष्याम:

लड्. लकार (भूतकाल )

पुरुष एकवचन व्दिवचन बहुवचन
प्रथम पुरुष अपठत् अपठताम् अपठन्
मध्यम पुरुष अपठ : अपठतम् अपठत
उत्तम पुरुष अपठम् अपठाव अपठाम

लोट् लकार (आज्ञा, आशीर्वाद , कामना के अर्थ में )

पुरुष एकवचन व्दिवचन बहुवचन
प्रथम पुरुष पठतु पठताम् पठन्तु
मध्यम पुरुष पठ ,पठतात् पठतम् पठत
उत्तम पुरुष पठानि पठाव पठाम

विधिलिड्. लकार (चाहिए , उपदेश के अर्थ में )

पुरुष एकवचन व्दिवचन बहुवचन
प्रथम पुरुष पठेत् पठेताम् पठेयु:
मध्यम पुरुष पठे: पठेतम् पठेत
उत्तम पुरुष पठेयम् पठेव पठेम

हस् (हँसना)

लट् लकार (वर्तमान काल )

पुरुष एकवचन व्दिवचन बहुवचन
प्रथम पुरुष हसति हसत: हसन्ति
मध्यम पुरुष हससि हसथ: हसथ
उत्तम पुरुष हसामि हसाव: हसाम:

लृट लकार (भविष्यत् काल)

पुरुष एकवचन व्दिवचन बहुवचन
प्रथम पुरुष हसिष्यति हसिष्यत: हसिष्यन्ति
मध्यम पुरुष हसिष्यसि हसिष्यथ: हसिष्यथ
उत्तम पुरुष हसिष्यामि हसिष्याव: हसिष्याम:

लड्. लकार (भूत काल )

पुरुष एकवचन व्दिवचन बहुवचन
प्रथम पुरुष अहसत् अहसताम् अहसन्
मध्यम पुरुष अहस: अहसतम् अहसत
उत्तम पुरुष अहसम् अहसाव अहसाम

लोट् लकार (आज्ञा ,आशीष ,कामना अर्थ में )

पुरुष एकवचन व्दिवचन बहुवचन
प्रथम पुरुष हसतु हसताम् हसन्तु
मध्यम पुरुष हस , हसतात् हसतम् हसत
उत्तम पुरुष हसानि हसाव हसाम

विधिलिड्. लकार ( चाहिए ,उपदेश के अर्थ में)

पुरुष एकवचन व्दिवचन बहुवचन
प्रथम पुरुष हसेत् हसेताम् हसेयु:
मध्यम पुरुष हसे: हसेतम् हसेत
उत्तम पुरुष हसेयम् हसेव हसेम

दृश् (देखना) ‘पश्य ‘ क्रिया रुप

लट् लकार (वर्तमान काल)

पुरुष एकवचन व्दिवचन बहुवचन
प्रथम पुरुष पश्यति पश्यत: पश्यन्ति
मध्यम पुरुष पश्यसि पश्यथ: पश्यथ
उत्तम पुरुष पश्यामि पश्याव: पश्याम:

लृट् लकार (भविष्यत् काल ) द्रक्ष्य

पुरुष एकवचन व्दिवचन बहुवचन
प्रथम पुरुष द्रक्ष्यति द्रक्ष्यत: द्रक्ष्यन्ति
मध्यम पुरुष द्रक्ष्यसि द्रक्ष्यथ: द्रक्ष्यथ
उत्तम पुरुष द्रक्ष्यामि द्रक्ष्याव: द्रक्ष्याम:

लड्. लकार (भूतकाल)

पुरुष एकवचन व्दिवचन बहुवचन
प्रथम पुरुष अपश्यत् अपश्यताम् अपश्यन्
मध्यम पुरुष अपश्य: अपश्यतम् अपश्यत
उत्तम पुरुष अपश्यम् अपश्याव अपश्याम

लोट् लकार (आज्ञा ,आशीष ,कामना अर्थ में )

पुरुष एकवचन व्दिवचन बहुवचन
प्रथम पुरुष पश्यतु पश्यताम् पश्यन्तु
मध्यम पुरुष पश्य ,पश्यतात् पश्यतम् पश्यत
उत्तम पुरुष पश्यानि पश्याव पश्याम

विधिलिड्. लकार ( चाहिए ,उपदेश के अर्थ में)

पुरुष एकवचन व्दिवचन बहुवचन
प्रथम पुरुष पश्येत् पश्येताम् पश्येयु:

मध्यम पुरुष पश्ये: पश्येतम् पश्येत

उत्तम पुरुष पश्येयम् पश्येव पश्येम

पच् (पकाना)

लट् लकार ( वर्तमान काल)

पुरुष एकवचन व्दिवचन बहुवचन
प्रथम पुरुष पचति पचत: पचन्ति
मध्यम पुरुष पचसि पचथ: पचथ
उत्तम पुरुष पचामि पचाव: पचाम:

लृट् लकार (भविष्यत् काल )’पक्ष्य ‘ क्रिया रूप

पुरुष एकवचन व्दिवचन बहुवचन
प्रथम पुरुष पक्ष्यति पक्ष्यत: पक्ष्यन्ति
मध्यम पुरुष पक्ष्यसि पक्ष्यथ: पक्ष्यथ
उत्तम पुरुष पक्ष्यामि पक्ष्याव: पक्ष्याम:

लड्. लकार (भूतकाल)

पुरुष एकवचन व्दिवचन बहुवचन
प्रथम पुरुष अपचत् अपचताम् अपचन्
मध्यम पुरुष अपच: अपचतम् अपचत
उत्तम पुरुष अपचम् अपचाव अपचाम

लोट् लकार (आज्ञा ,आशीष ,कामना अर्थ में )

पुरुष एकवचन व्दिवचन बहुवचन
प्रथम पुरुष पचतु पचताम् पचन्तु
मध्यम पुरुष पच , पचतात् पचतम् पचत
उत्तम पुरुष पचानि पचाव पचाम

विधिलिड्. लकार ( चाहिए ,उपदेश के अर्थ में)

पुरुष एकवचन व्दिवचन बहुवचन
प्रथम पुरुष पचेत् पचेताम् पचेयु:
मध्यम पुरुष पचे: पचेतम् पचेत
उत्तम पुरुष पचेयम् पचेव पचेम

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